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State Jul 27, 2026 · min read

New Uttarakhand Free Training for Dropouts with Jobs

उत्तराखंड में पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य सरकार ने उन बेरोजगार युवक-युवतियों को भी मुफ्त ट्रेनिंग देने का ऐलान किया है,...

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New Uttarakhand Free Training for Dropouts with Jobs
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TL;DR — Quick Summary

उत्तराखंड सरकार ने एक नई योजना के तहत उन युवाओं के लिए मुफ्त ट्रेनिंग और नौकरी का ऐलान किया है, जिन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़ दी है। इस पहल से बेरोजगारी कम करने और ड्रॉपआउट को कौशल देकर रोजगार से जोड़ने की कोशिश होगी।

Key Facts
मुख्य अपडेट
उत्तराखंड सरकार पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले युवाओं को भी मुफ्त ट्रेनिंग देगी और उसके बाद नौकरी दिलाने में मदद करेगी।
लाभार्थी
बेरोजगार युवा और जिन्होंने किसी कारण स्कूल या कॉलेज छोड़ दिया।
योजना का नाम
अभी आधिकारिक नाम जारी नहीं हुआ है, लेकिन यह रोजगार-कौशल मिशन का हिस्सा हो सकता है।
वर्तमान स्थिति
योजना की घोषणा हो चुकी है, विस्तृत दिशानिर्देश और आवेदन प्रक्रिया जल्द जारी होने की उम्मीद है।
आगे क्या
सरकार जल्द ही इसके लिए पोर्टल और केंद्र शुरू करेगी, जहाँ इच्छुक उम्मीदवार पंजीकरण कर सकेंगे।

उत्तराखंड में पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य सरकार ने उन बेरोजगार युवक-युवतियों को भी मुफ्त ट्रेनिंग देने का ऐलान किया है, जिन्होंने किसी वजह से स्कूल या कॉलेज पूरा नहीं किया। इस ट्रेनिंग के बाद सरकार उन्हें नौकरी दिलाने में भी मदद करेगी। योजना का उद्देश्य राज्य में बेरोजगारी घटाना और ड्रॉपआउट युवाओं को कौशल के जरिए आत्मनिर्भर बनाना है।

किन युवाओं को मिलेगा इसका लाभ?

यह योजना खासतौर पर उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जो आर्थिक तंगी, पारिवारिक परिस्थितियों या अन्य कारणों से पढ़ाई बीच में छोड़ गए। सरकार का कहना है कि कोई भी बेरोजगार युवा, चाहे उसने 10वीं, 12वीं या स्नातक भी आधा छोड़ा हो, इस ट्रेनिंग में शामिल हो सकता है। यह उन लोगों के लिए खासा मददगार साबित हो सकती है, जिनके पास न तो डिग्री है और न ही कोई खास स्किल।

कैसे मिलेगी मुफ्त ट्रेनिंग और नौकरी?

योजना के तहत सरकार राज्यभर में कौशल विकास केंद्र खोलेगी, जहाँ युवाओं को हुनरमंद बनाया जाएगा। ट्रेनिंग पूरी तरह मुफ्त होगी। इसमें कंप्यूटर, डेटा एंट्री, ब्यूटीशियन, टेलरिंग, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर जैसे कोर्स शामिल हो सकते हैं। कोर्स पूरा होने के बाद सरकार निजी और सरकारी कंपनियों में प्लेसमेंट में मदद करेगी। कुछ मामलों में सीधी सरकारी नौकरी या अनुबंध पर भी रखा जा सकता है।

आवेदन प्रक्रिया जल्द होगी शुरू

फिलहाल आवेदन की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। सरकार जल्द ही एक पोर्टल लॉन्च करने वाली है, जहाँ इच्छुक उम्मीदवार अपना पंजीकरण करा सकेंगे। इसके अलावा जिला रोजगार कार्यालयों और आइटीआइ में भी जानकारी मिलेगी। उम्मीद है कि अगले कुछ हफ्तों में विस्तृत दिशानिर्देश जारी कर दिए जाएँगे।

पढ़ाई छोड़ने वालों के लिए यह क्यों अहम है?

आंकड़े बताते हैं कि उत्तराखंड के कई गाँवों और कस्बों में स्कूल छोड़ने की दर अब भी काफी ऊँची है। वजह चाहे गरीबी हो या परिवार की मजबूरी, इन युवाओं के पास अक्सर कोई रोजगार का जरिया नहीं होता। इस योजना से उन्हें पहली बार आधिकारिक रास्ता मिलेगा, जहाँ वे बिना डिग्री के भी कौशल सीखकर नौकरी पा सकते हैं।

सरकार का अब तक का आधिकारिक बयान

उत्तराखंड सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि यह योजना राज्य के रोजगार मिशन का हिस्सा है और इसे ‘हर हाथ को काम’ के नारे के तहत लाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए अलग से बजट आवंटित किया गया है और जल्द ही जिलास्तर पर कार्यशालाएँ और कैंप लगाए जाएँगे।

योजना की असली चुनौतियाँ और सीमाएँ

हालाँकि यह पहल सराहनीय है, लेकिन इसे लागू करने में कई चुनौतियाँ भी हैं। पहली—प्रशिक्षित ट्रेनर्स और गुणवत्तापूर्ण पाठ्यक्रम की उपलब्धता। दूसरी—दूरदराज के इलाकों तक पहुँच। तीसरी—नौकरी की गारंटी किस हद तक संभव है, क्योंकि प्राइवेट सेक्टर में मांग और सप्लाई का संतुलन हमेशा नहीं बैठता। विशेषज्ञों का मानना है कि योजना तभी सफल होगी जब ट्रेनिंग उद्योग की जरूरतों से जुड़ी होगी।

देश भर में ऐसी योजनाएँ कैसे काम कर रही हैं?

केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना’ और कई राज्यों की अपनी स्कीमें पहले से चल रही हैं। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में ड्रॉपआउट के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र खोले गए हैं। उत्तराखंड की यह योजना उन्हीं मॉडलों पर आधारित बताई जा रही है, लेकिन खास बात यह है कि इसमें नौकरी की गारंटी का वादा किया गया है।

युवाओं को अभी क्या करना चाहिए?

अगर आप उत्तराखंड के रहने वाले हैं और पढ़ाई छोड़ चुके हैं, तो अभी से अपने जिले के रोजगार कार्यालय से संपर्क रखें। सोशल मीडिया और स्थानीय अखबारों पर सरकार की ओर से आने वाले नोटिफिकेशन पर नजर रखें। आवेदन पोर्टल खुलते ही जल्दी फॉर्म भरने की कोशिश करें, क्योंकि सीटें सीमित हो सकती हैं।

आगे क्या होगा? संभावित टाइमलाइन

उम्मीद है कि अगले दो-तीन महीनों में पोर्टल लॉन्च होगा और पहला बैच शुरू होगा। सरकार ने इस साल कम से कम 10,000 युवाओं को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा है। देखना होगा कि यह लक्ष्य कितना पूरा हो पाता है और नौकरी में कितनी तब्दीली होती है।

हमारी राय

उत्तराखंड सरकार की यह पहल दिशा में सही कदम है, खासकर उन युवाओं के लिए जो किताबों से दूर हो गए लेकिन हुनर सीखना चाहते हैं। मगर योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि ट्रेनिंग की गुणवत्ता कैसी है और असली रोजगार कितना मिलता है। पिछली कई योजनाओं की तरह इसे भी सिर्फ कागज पर नहीं रहने देना चाहिए। युवाओं तक सही जानकारी पहुँचाना और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करना सरकार की असली जिम्मेदारी होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या पढ़ाई छोड़ने वाले हर उम्र के युवा आवेदन कर सकते हैं?

सरकार ने अभी उम्र सीमा तय नहीं की है, लेकिन उम्मीद है कि 18 से 40 साल के बीच के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। आधिकारिक दिशानिर्देश जारी होने पर स्पष्ट होगा।

क्या यह ट्रेनिंग पूरी तरह से फ्री है?

हाँ, सरकार ने इसे पूरी तरह मुफ्त बताया है। न तो कोई आवेदन शुल्क होगा और न ही ट्रेनिंग का कोई खर्चा।

नौकरी की गारंटी सरकार दे रही है या सिर्फ प्लेसमेंट?

फिलहाल सरकार ‘नौकरी दिलाने में मदद’ की बात कर रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह गारंटी है या सिर्फ प्रयास। युवाओं को सरकारी नौकरी की गारंटी नहीं समझनी चाहिए, लेकिन प्राइवेट सेक्टर में प्लेसमेंट के लिए काम किया जाएगा।

इस योजना के लिए कब और कैसे आवेदन करना होगा?

आवेदन की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इसके लिए एक पोर्टल लॉन्च किया जाएगा, जिसकी लिंक जिला रोजगार कार्यालयों और सरकारी वेबसाइटों पर जारी होगी। अभी आप केवल नजर रख सकते हैं।

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